किससे करूं अपने दर्द दिल का बयान लाचार देखकर हर कोई सताने को आतुर है हम तुझमें अपनी जिंदगी ढूंढते हैं धीरे-धीरे फासलों को कम होने दो तब मुझे अच्छे से समझ पाओगी मेरे मन में हर वक्त तुम्हारा ख्याल रहता है मेरे दिल के आशियाने में बस गई हो एक बार लौटकर आओ और कह दो मैं तुमसे दूर नहीं जा रही हूं
Hindi shayari sangrah Gorakhpur